
जमुई :-केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 215वीं बटालियन ने शनिवार को अपना 16वां स्थापना दिवस मनाया। मलयपुर स्थित पुलिस लाइन में आयोजित इस समारोह में एक ओर शहीदों की स्मृति में आँखें नम थीं, तो दूसरी ओर सांस्कृतिक रंगारंग प्रस्तुतियों से माहौल उत्साह से भरा रहा। वर्ष 2010 में गठित यह बटालियन पिछले 15 वर्षों से देश की आंतरिक सुरक्षा और नक्सल विरोधी अभियानों में अग्रणी भूमिका निभा रही है
शहीदों को नमन,जवानों को संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत कमांडेंट विनोद कुमार मोहरिल के नेतृत्व में शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर हुई। वीर शहीदों को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद आयोजित ‘सैनिक सम्मेलन’ में कमांडेंट ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा “अनुशासन और कड़ी मेहनत ही सफलता की असली कुंजी है।” उन्होंने बटालियन की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए भविष्य की चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने का आह्वान किया।
नक्सल मोर्चे पर मजबूत दस्तक
वर्ष 2012 से बिहार के नक्सल प्रभावित इलाकों में सक्रिय यह बटालियन कई बड़े ऑपरेशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दे चुकी है। कमांडेंट ने बताया कि बटालियन के प्रयासों से क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर उल्लेखनीय अंकुश लगा है।
भांगड़ा,बिहू और देशभक्ति – एक मंच पर मिनी इंडिया
शाम को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सबका दिल जीत लिया। जवानों ने देशभक्ति गीतों के साथ भांगड़ा और बिहू की प्रस्तुति दी, जो बल की विविधता में एकता का जीवंत प्रमाण थी। जवानों के परिजनों के लिए भी अलग से कार्यक्रम आयोजित किए गए।
प्रशासन ने थपथपाई पीठ
समारोह में मुख्य अतिथि संदीप सिंह और विशिष्ट अतिथि राज कुमार के साथ जिले के डीएम नवीन कुमार और एसपी विश्वजीत दयाल ने भी शिरकत की। प्रशासनिक अधिकारियों ने सीआरपीएफ जवानों के साहस और समर्पण की सराहना की। कार्यक्रम का समापन सामूहिक भोज ‘बड़ा खाना’ के साथ हुआ, जहाँ अधिकारी और जवान एक पंगत में बैठकर भोजन के साथी बने। कमांडेंट ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।




