जमुई: जिले के प्रसिद्ध के.के.एम कॉलेज स्थित छात्रावास और शहर के अन्य लॉजों में रहकर भविष्य गढ़ रहे छात्रों के सामने इन दिनों एक नया संकट खड़ा हो गया है। किताबों के बोझ के बीच अब गैस की किल्लत ने उनकी रसोई का गणित बिगाड़ दिया है। गैस की किल्लत और बाजार में सिलेंडर की अनुपलब्धता ने छात्रों की पढ़ाई की लय बिगाड़ दी है। आलम तो यह है कि कोई छात्र 25 किलोमीटर दूर घर से सिलेंडर ढो रहा है, तो कोई पढ़ाई छोड़कर घर वापस लौटने को मजबूर है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि सरकार द्वारा छात्रों के लिए शुरू की गई ‘छोटू सिलेंडर’ योजना की जानकारी जमीनी स्तर पर छात्रों तक पहुँची ही नहीं है।
दर्द: भूखे पेट कैसे हो पढ़ाई, घर से सिलेंडर लाने को मजबूर है
———————————————
“बाजार में गैस नहीं मिलने से काफी परेशानी हो रही है। जब पेट खाली रहता है, तो पढ़ाई में मन नहीं लगता। पढ़ाई करें या गैस खोजें, समझ नहीं आता।” अवधेश कुमार,छात्र,के.के.एम कॉलेज छात्रावास
“मार्केट में सिलेंडर नहीं मिल रहा। मुझे मजबूरी में 25 किलोमीटर दूर अपने घर जाना पड़ता है और वहां से सिलेंडर लाना पड़ता है। इसमें पूरा दिन और काफी समय बर्बाद हो जाता है।
आयुष कुमार, छात्र,के.के.एम कॉलेज छात्रावास
“हम घर छोड़कर यहाँ करियर बनाने आए हैं। लेकिन गैस न होने से न खाना बन पा रहा है और न ही पढ़ाई पर ध्यान दे पा रहे हैं।”
मोहित कुमार छात्र,के.के.एम कॉलेज छात्रावास
“गैस नहीं मिली तो मैं हारकर घर चला गया था। 20 दिन बाद वापस लौटा हूँ, लेकिन स्थिति वही है। अगर फिर सिलेंडर नहीं मिला, तो वापस घर ही जाना पड़ेगा।”
संतोष कुमार,छात्र,के.के.एम कॉलेज छात्रावास
“बाजार में कहीं गैस नहीं मिल रही। घर से सिलेंडर लाना पड़ता है, जो बहुत बड़ी समस्या है।”
माखन कुमार,रेलवे अभ्यर्थी, तिलकपुर
———————————————-
अज्ञानता: छात्रों को पता ही नहीं क्या है ‘छोटू’ गैस
——————————————-
इस दौरान एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि छात्रों को सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं है। उसी छात्रावास में रहने वाले शेखर कुमार,गोपाल कुमार एवं लॉज में रहने वाले छात्र कुंदन कुमार ने बताया कि उन्हें ‘छोटू गैस’ (5 किलो वाला सिलेंडर) के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। वह अपने घर से बड़ा सिलेंडर लेकर आए हैं। अमूमन छात्र अपने घर से ही भारी-भरकम सिलेंडर लाने को मजबूर हैं, क्योंकि उन्हें स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सुविधाओं का ज्ञान नहीं दिया गया।
———————————————-
इस समस्या को लेकर जब लव कुश गैस एजेंसी के प्रबंधक राजेश कुमार सिन्हा से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि उनके पास छोटू गैस सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा:
“छात्रों को अपना आधार कार्ड लेकर आना होगा और हम उन्हें नियमानुसार गैस देंगे। फिलहाल हमारे पास 15 छोटू सिलेंडर का स्टॉक है। जैसे-जैसे विद्यार्थी आएंगे, स्टॉक के अनुसार उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा।”
> राजेश कुमार सिन्हा,(प्रबंधक लवकुश गैस एजेंसी)




